Jharkhand Cabinet Decisions 27 May 2026: किसानों, युवाओं, पेंशनभोगियों और ग्रामीण विकास को मिली बड़ी सौगात

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झझारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले 2026: किसानों, युवाओं, कलाकारों, पेंशनभोगियों और ग्रामीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय

27 मई 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, पंचायत व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल प्रशासन और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का प्रभाव राज्य के लाखों किसानों, विद्यार्थियों, युवाओं, पेंशनभोगियों, कलाकारों, पशुपालकों और ग्रामीण समुदायों पर पड़ने वाला है।

सरकार ने जहां एक ओर जैविक खेती, पशुपालन, स्वास्थ्य सेवाओं और पंचायतों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर डिजिटल गवर्नेंस, न्यायिक व्यवस्था और परिवहन अवसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया है। आइए झारखंड कैबिनेट के इन प्रमुख निर्णयों को विस्तार से समझते हैं।

शिक्षा और डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगी नई गति

कैबिनेट ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न वेब पोर्टलों के विकास, रखरखाव, होस्टिंग एवं संचालन के लिए भारत सरकार के उपक्रम सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के चयन को मंजूरी प्रदान की है।

आज के डिजिटल युग में शिक्षा व्यवस्था को ऑनलाइन माध्यमों से जोड़ना आवश्यक हो गया है। इस निर्णय से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली, परिणाम प्रकाशन, छात्रवृत्ति वितरण तथा विभिन्न प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी और तेज बनाया जा सकेगा। इससे छात्रों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी और सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।

झारखंड को नया लोकायुक्त

कैबिनेट ने झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अमिताभ कुमार गुप्ता को लोकायुक्त झारखंड नियुक्त किए जाने की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की है।

लोकायुक्त राज्य में भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों की जांच करने वाली एक महत्वपूर्ण संस्था है। यह सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आने वाली शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करती है। इस नियुक्ति से प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

जैविक खेती के लिए 370 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना

कैबिनेट का सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक जैविक खेती को बढ़ावा देने से संबंधित है। सरकार ने 1.05 लाख हेक्टेयर भूमि में जैविक खेती के प्रमाणीकरण की योजना को मंजूरी दी है।

यह योजना तीन चरणों में लागू की जाएगी —

  • प्रथम चरण: 2026-27 से 2028-29
  • द्वितीय चरण: 2027-28 से 2029-30
  • तृतीय चरण: 2028-29 से 2030-31

इस परियोजना पर कुल 370.12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रथम वर्ष के लिए 42.87 करोड़ रुपये की राशि जारी करने को भी मंजूरी दी गई है।

झारखंड में बड़ी संख्या में आदिवासी और छोटे किसान पारंपरिक एवं प्राकृतिक खेती करते हैं। जैविक प्रमाणन मिलने से उनके उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक कीमत प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और रासायनिक खेती पर निर्भरता कम होगी।

नशा तस्करी के खिलाफ नई पुरस्कार नीति

सरकार ने मादक पदार्थों की अवैध तस्करी, व्यापार और बिक्री की सूचना देने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार नीति को मंजूरी दी है।

इस नीति का उद्देश्य समाज को नशा मुक्त बनाने के अभियान में जनता की भागीदारी बढ़ाना है। पुलिस और प्रशासन को सूचना देने वाले व्यक्तियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जिससे ड्रग्स नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई संभव होगी।

दुमका एयरपोर्ट से नियमित उड़ान सेवा का मार्ग प्रशस्त

कैबिनेट ने दुमका हवाई अड्डे से क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान) के तहत नियमित विमान सेवा शुरू करने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के साथ समझौते को मंजूरी दी है।

दुमका और संथाल परगना क्षेत्र लंबे समय से बेहतर हवाई संपर्क की मांग कर रहे थे। नियमित उड़ान सेवा शुरू होने से पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास में तेजी आएगी।

कलाकारों के लिए मासिक पेंशन योजना

झारखंड अपनी समृद्ध आदिवासी और लोक संस्कृति के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। राज्य सरकार ने वृद्ध, गंभीर रूप से अस्वस्थ अथवा स्थायी रूप से दिव्यांग कलाकारों के लिए मासिक निवृत्तिका (पेंशन) योजना को मंजूरी दी है।

यह योजना उन कलाकारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी जिन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में लगाया है।

रेलवे परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण

खूंटी जिले के कर्रा अंचल में स्थित 11.635 एकड़ भूमि को लगभग 17.81 करोड़ रुपये की लागत पर साउथ ईस्टर्न रेलवे को हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई है।

यह भूमि लोधमा-पिस्का लिंक रेल लाइन परियोजना के लिए दी जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्रीय रेल संपर्क बेहतर होगा तथा व्यापार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

आधार आधारित सेवाओं को मिलेगा विस्तार

कैबिनेट ने झारखंड सरकार और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के बीच पूरक समझौते को मंजूरी दी है।

इससे सरकारी योजनाओं में आधार आधारित प्रमाणीकरण और ई-केवाईसी प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। फर्जी लाभार्थियों की पहचान करना आसान होगा तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।

"अबुआ दवाखाना" स्वास्थ्य व्यवस्था में नई पहल

सरकार ने बहु-चिकित्सा प्रणाली आधारित एकीकृत औषधि केंद्र "अबुआ दवाखाना" की स्थापना को मंजूरी दी है।

इन केंद्रों में—

  • एलोपैथी
  • आयुर्वेद
  • होम्योपैथी
  • यूनानी
  • सिद्ध

जैसी विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों की सेवाएं उपलब्ध होंगी।

यह निर्णय विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

पेंशनभोगियों को महंगाई राहत

राज्य सरकार ने छठे वेतनमान के अंतर्गत आने वाले पेंशनधारियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए 1 जनवरी 2026 से महंगाई राहत (डीआर) की दरों में वृद्धि को मंजूरी दी है।

बढ़ती महंगाई के दौर में यह निर्णय लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए राहत लेकर आया है।

झारखंड भवनों के शुल्क में संशोधन

नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन और न्यू झारखंड भवन के कमरों के आवासन शुल्क में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इससे भवनों के रखरखाव और संचालन में आर्थिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को अतिरिक्त सुविधाएं

झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों को मिलने वाले अनुसेवक भत्ते तथा सचिवीय सहायता में वृद्धि को मंजूरी दी गई है।

मेडिकल छात्रों और जूनियर डॉक्टरों को राहत

सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में कार्यरत जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों तथा इंटर्न छात्रों की वृत्तिका (स्टाइपेंड) में संशोधन को मंजूरी दी है।

इस निर्णय से चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को आर्थिक सहायता मिलेगी तथा राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

राज्यपाल सचिवालय का पुनर्गठन

लोक भवन एवं राज्यपाल सचिवालय के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है। इस कदम से प्रशासनिक कार्यों में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

वैट रिटर्न दाखिल करने से राहत

पेट्रोल, डीजल और मदिरा के खुदरा विक्रेताओं को त्रैमासिक और मासिक वैट रिटर्न दाखिल करने से छूट देने का निर्णय लिया गया है।

सरकार का मानना है कि इन उत्पादों पर कर पहले ही वसूल लिया जाता है, इसलिए अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को कम किया जाना चाहिए।

पशुपालकों के लिए 30 करोड़ रुपये की योजना

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत व्यवसायिक बकरा-बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए 30 करोड़ रुपये की नई योजना को मंजूरी दी गई है।

झारखंड में बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार पशुपालन से जुड़े हैं। यह योजना युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।

न्यायिक व्यवस्था को मजबूती

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में जिला न्यायाधीश स्तर के पांच अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।

साथ ही—

  • बगोदर-सरिया अनुमंडल न्यायालय के लिए 20 पद
  • चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय के लिए 41 पद

स्वीकृत किए गए हैं।

इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और लंबित मामलों के निपटारे में मदद मिलेगी।

पंचायतों को मिलेगा अतिरिक्त वित्तीय समर्थन

राज्य सरकार ने पंचम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर पंचायतों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है।

इस फैसले से ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर पर विकास योजनाओं को गति मिलेगी। सड़क, नाली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में यह राशि महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

टीबी नियंत्रण कार्यक्रम को मजबूती

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य यक्ष्मा कार्यालय द्वारा सीबीएनएएटी कार्ट्रिज की खरीद को मंजूरी दी गई है।

सीबीएनएएटी मशीनें टीबी की त्वरित और सटीक जांच के लिए उपयोग की जाती हैं। इससे मरीजों की शीघ्र पहचान और उपचार संभव होगा।

खनन क्षेत्र में डिजिटल निगरानी

झारखंड इंटीग्रेटेड माइन्स एंड मिनरल मैनेजमेंट सिस्टम (JIMMS) वर्जन 2.0 को मंजूरी दी गई है।

खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड में यह प्रणाली अवैध खनन पर रोक लगाने, राजस्व बढ़ाने और खनन गतिविधियों की निगरानी को मजबूत करेगी।

विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत

सरकार ने पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के तहत विस्थापित परिवारों को आवंटित भूमि तथा सार्वजनिक उपयोग के लिए दान की गई भूमि के दस्तावेजों को स्टाम्प शुल्क और निबंधन शुल्क से मुक्त करने का निर्णय लिया है।

यह निर्णय विशेष रूप से उन परिवारों के लिए राहतकारी है जो विकास परियोजनाओं के कारण विस्थापित हुए हैं।

आईटीआई का आधुनिकीकरण

पीएम सेतु योजना के अंतर्गत झारखंड के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

इससे युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्राप्त होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

झारखंड सैंड माइनिंग नियमावली में संशोधन

राज्य सरकार ने झारखंड सैंड माइनिंग (संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी दी है।

इसका उद्देश्य बालू खनन को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।

आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को विस्तार

कैबिनेट ने पीएम आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अवधि बढ़ाने को मंजूरी दी है।

इससे स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण और गरीब परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष

27 मई 2026 की झारखंड कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार विकास के बहुआयामी मॉडल पर काम कर रही है। एक ओर किसानों के लिए जैविक खेती, पशुपालन और ग्रामीण विकास योजनाएं लाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, न्यायपालिका और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

यदि इन योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में झारखंड कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर सकता है। यह कैबिनेट बैठक झारखंड के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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